
सीतामढ़ी। मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े मामलों में लंबे समय से वांछित बताए जा रहे मंजूर खलीफा को पुलिस ने बेगूसराय से गिरफ्तार किया है। पुलिस उसे इस कथित नेटवर्क का मुख्य सरगना बता रही है। गुरुवार को एसपी ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में गिरफ्तारी की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ अकेले सीतामढ़ी जिले में 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि किशनगंज और आसपास के कुछ अन्य जिलों में भी उसका आपराधिक इतिहास सामने आया है।
पुलिस का आरोप है कि मंजूर खलीफा से जुड़ा नेटवर्क देश के अलग-अलग राज्यों से लड़कियों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर या झांसा देकर लाता था और उन्हें देह व्यापार में धकेलता था। पुलिस अब इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है।
मंजूर खलीफा शहर के बोहा टोला, वार्ड नंबर-09 का रहने वाला बताया गया है। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। उसके बेगूसराय में मौजूद होने की सूचना मिलने के बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
बेगूसराय से हुई गिरफ्तारी
एसपी ने पत्रकार सम्मेलन में बताया कि पुलिस को आरोपी के संबंध में सूचना मिली थी। इसके बाद उसकी गतिविधियों और ठिकाने के बारे में जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीम ने बेगूसराय में कार्रवाई करते हुए मंजूर खलीफा को पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद उसे सीतामढ़ी लाया गया। पुलिस उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और मानव तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और कथित नेटवर्क किस तरह काम करता था।
सीतामढ़ी में दर्ज हैं 10 मामले
पुलिस के अनुसार मंजूर खलीफा के खिलाफ अकेले सीतामढ़ी जिले में 10 मामले दर्ज हैं। इन मामलों की प्रकृति और वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा किशनगंज और आसपास के कुछ जिलों में भी उसके खिलाफ आपराधिक इतिहास होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस संबंधित जिलों से संपर्क कर आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों का विस्तृत रिकॉर्ड जुटा रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अलग-अलग जिलों में दर्ज मामलों के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं।
पुलिस के अनुसार मानव तस्करी के मामलों में केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी से जांच पूरी नहीं होती। इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क, संपर्कों और संभावित मददगारों की पहचान करना भी जरूरी है।
अलग-अलग राज्यों से लड़कियों को लाने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि मंजूर खलीफा और उससे जुड़े लोग देश के अलग-अलग राज्यों से लड़कियों को विभिन्न तरह के झांसे देकर बिहार लाते थे। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर देह व्यापार में धकेला जाता था।
हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। पुलिस फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों, दर्ज मामलों और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
जांच एजेंसियों के लिए अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि कथित तौर पर पीड़ित लड़कियों से संपर्क किस माध्यम से किया जाता था। इसके साथ ही उन्हें किन वादों या प्रलोभनों के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाया जाता था, इसकी भी जांच की जा रही है।
सीतामढ़ी से किशनगंज तक नेटवर्क की जांच
एसपी के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास केवल सीतामढ़ी तक सीमित नहीं मिला है। किशनगंज और आसपास के कुछ जिलों में भी उसके खिलाफ मामलों की जानकारी सामने आई है।
इसी आधार पर पुलिस कथित नेटवर्क के अंतरजिला संपर्कों की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या अलग-अलग जिलों में मौजूद लोग एक-दूसरे के संपर्क में रहकर काम कर रहे थे।
जांच के दौरान आरोपी के पुराने संपर्कों और गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मंजूर खलीफा की गिरफ्तारी के बाद भी कार्रवाई समाप्त नहीं हुई है। इस मामले में कथित तौर पर जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मानव तस्करी के मामलों में एजेंसियां आमतौर पर आरोपियों के बीच संपर्क, पीड़ितों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था, आर्थिक लेन-देन और अन्य कड़ियों की जांच करती हैं। इस मामले में भी पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पीड़ितों से जुड़ी जानकारी रखी जाएगी गोपनीय
मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े मामलों में पीड़ितों की पहचान की गोपनीयता बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं और लड़कियों के नाम, पते या ऐसी दूसरी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए जिनसे उनकी पहचान उजागर हो सके।
पुलिस की जांच में यदि अन्य पीड़ितों के बारे में जानकारी सामने आती है तो उनकी सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़े पहलुओं पर भी संबंधित विभागों और संस्थाओं के माध्यम से कार्रवाई की जा सकती है।
नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी पुलिस
मंजूर खलीफा की गिरफ्तारी को पुलिस मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े कथित नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई बता रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में कितने लोग सक्रिय थे और इसका दायरा किन-किन जिलों या राज्यों तक फैला हुआ था।
आरोपी के खिलाफ सीतामढ़ी में दर्ज मामलों के साथ दूसरे जिलों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा उसके संपर्क में रहे संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। जांच में नए तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मंजूर खलीफा पर लगाए गए आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी और दोषसिद्धि का अंतिम निर्णय अदालत करेगी।





